अरुंधति रॉय (Arundhati Roy) ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के विरोध में लोगों से कहा था कि वह सरकारी अफसरों को गलत जानकारी दें. उनके बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वकील ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.
नई दिल्ली. लेखिका अरुंधति रॉय (Arundhati Roy) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उन्होंने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) का विरोध करने का आह्वान करते हुए लोगों से कहा था कि सरकार को अपने बारे में गलत जानकारी दें. उनके इस बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वकील राजीव कुमार रंजन (Rajiv Kumar Ranjan) ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा, मैंने अरुंधति रॉय के खिलाफ शिकायत की है. उन्होंने लोगों से कहा था कि वह सरकारी अफसरों को अपने बारे में गलत जानकारी दें. लोगों को इस तरह से भड़काना अपराध है.
बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) में सीएए को लेकर आयोजित की गई एक विरोध सभा को संबोधित करते हुए अरुंधति ने यह भी दावा किया था कि एनआरसी (NRC) का लक्ष्य देश के मुस्लिम हैं. अरुंधति रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एनआरसी मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पहले ही कहा था कि एनपीआर और एनआरसी के बीच कोई संबंध नहीं है और उनके डेटाबेस को एक दूसरे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. एनपीआर के लिए 2010 में डेटा एकत्रित किया गया था जिसे 2015 में अद्यतन किया गया था.
अरुंधति ने कही थीं ये बातेंअरुंधति रॉय ने कहा कि एनपीआर के अंतर्गत अधिकारी लोगों के घरों तक जाकर उनका नाम पता और अन्य जानकारी एकत्रित करेंगे. विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "वे आपके घरों तक जाएंगे, आपका नाम, फोन नंबर और आधार ड्राइविंग लाइसेंस जैसे कागजात के बारे में पूछेंगे. एनपीआर एनआरसी का डेटाबेस बनेगा. हमें इसके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से लड़ना होगा. जब वे एनपीआर के लिए आपके घर आएं तो आप उन्हें दूसरा नाम बता दें. पते के लिए आप उन्हें 7 आरसीआर बताएं. हमें दबाने के लिए बहुत सारी ताकत लगेगी. हम लोग लाठी और गोली खाने के लिए पैदा नहीं हुए हैं."
पीएम पर लगाए थे आरोप
अरुंधति रॉय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने झूठ बोला कि देश में डिटेंशन सेंटर या हिरासत केंद्र नहीं हैं. उन्होंने कहा, "पकड़े जाएंगे यह जानते हुए भी उन्होंने (प्रधानमंत्री) झूठ बोला क्योंकि उनके पास मीडिया है जो उनसे सवाल नहीं पूछेगा." उन्होंने कहा कि जो संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी का विरोध कर रहे हैं उन्हें विभिन्न राज्यों से बाकायदा आश्वासन लेना चाहिए कि वे इस प्रावधान को लागू नहीं करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में सीएए और एनआरसी का व्यापक स्तर पर विरोध होने के बाद सरकार इसके प्रावधानों को एनपीआर के जरिये लागू करवाना चाहती है.